15 अगस्त के अवसर पर मानवाधिकार संस्था APCR ने लखनऊ जेल में बंद तीन क़ैदियों को रिहा कराया

15 अगस्त के अवसर पर मानवाधिकार संस्था APCR ने लखनऊ जेल में बंद तीन क़ैदियों को रिहा कराया

जम्हूरियत न्यूज़

लखनऊ, 15 अगस्त | स्वतंत्रता दिवस पर मानवाधिकार संस्था एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने लखनऊ कारागार में बंद तीन क़ैदियों को क़ानूनी और आर्थिक मदद देकर उनकी रिहाई को सुनिश्चित बनाया है.

APCR उत्तर प्रदेश के प्रभारी ऐडवोकेट नजमुस्साकिब ख़ान ने जम्हूरियत न्यूज़ को बताया कि, “लखनऊ कारागार से 15 अगस्त दिन शनिवार को तीन क़ैदियों को APCR द्वारा रिहा कराया गया है. इन क़ैदियों में बशीर एस के – मुर्शिदाबाद, राजाराम – सीतापुर और गोविंद- लखनऊ शामिल हैं.”

उन्होंने बताया कि इनमें से एक क़ैदी 5 साल से बंद था और दूसरा 10 साल से.

इस मौके पर जेलर आर के मिश्रा, डिप्टी जेलर वीरेन्द्र कुमार वर्मा, APCR के यूपी प्रभारी नजमुस्साक़ीब ख़ान और सह प्रभारी शाने इलाही भी मोजूद थे.

साकिब ने जम्हूरियत न्यूज़ से बात करते हुए कहा, “अब तक संस्था ने 96 क़ैदियों को जेलों से रिहा करवाया है. बिना किसी धार्मिक भेदभाव के APCR पिछले कई वर्षों से जेलों में बंद क़ैदियों की रिहाई के लिए प्रयासरत है.”

इस सवाल पर कि संस्था किन प्रकार के क़ैदियों की रिहाई कराता है, अधिवक्ता साकिब ख़ान ने बताया, “इसमें वो सभी क़ैदी शामिल हैं जिनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं है. चाहे वो आतंकवाद के केस में बंद युवा हों या फिर आर्थिक रूप से कमज़ोर ऐसे क़ैदी जो अपनी ज़मानत भी नहीं करा सकते.”

उन्होंने बताया कि, “आम तौर पर सज़ा पूरी कर चुके क़ैदी जो मामूली रक़म की कमी के कारण ज़मानत नहीं करा पाते उनकी भी क़ानूनी व आर्थिक सहायता की जाती है.”