Supreme Court of India

अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग, याचिका दायर

नई दिल्ली, 27 अगस्त । सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट में एक सरकारी प्रतिनिधि को नियुक्त करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है। ट्रस्ट को मस्जिद के निर्माण के लिए गठित किया गया है।

अयोध्य विवाद में हिंदू पक्ष के वकीलों में से एक वकील विष्णु जैन द्वारा याचिका दायर की गई है।

शीर्ष अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन आवंटित किए जाने का आदेश दिया था। शीर्ष अदालत के फैसले के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन आवंटित की।

वक्फ बोर्ड ने 29 जुलाई को इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन नाम से एक ट्रस्ट गठित करने की घोषणा की, जिसमें एक मस्जिद, सांस्कृतिक और अनुसंधान केंद्र और पबिल्क यूटिलिटी फैसिलिटी का निर्माण करने का प्रस्ताव है, इसमें एक सामुदायिक रसोईघर, एक अस्पताल और आवंटित भूमि पर एक पुस्तकालय शामिल होगा।

याचिका में कहा गया, केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए ट्रस्ट की तरह सरकार के किसी भी अधिकारी को नामित करने का कोई प्रावधान नहीं है। यह उम्मीद की जाती है कि सैकड़ों लोग इस्लामिक ट्रस्ट स्थल का दौरा करेंगे और इसे भारत के भीतर और विदेशों से भी चंदा मिलेगा।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि यह वांछित है कि अयोध्या में शांति और शांति होनी चाहिए और इस्लामिक ट्रस्ट में निहित धन और संपत्ति का उचित प्रबंधन होना चाहिए। याचिका में कहा गया कि यह जनहित में है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के पास सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी गड़बड़ी न हो और धन का गलत इस्तेमाल न हो, इसलिए ट्रस्ट के काम के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी हो।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह आवश्यक है कि केंद्र को एक ट्रस्ट बनाने के लिए निर्देशित किया जाए, जिसमें सरकार के अधिकारियों को उसी तरह से नामित करने का प्रावधान हो जिस तरह 5 फरवरी के एक आदेश के जरिए केंद्र द्वारा बनाए गए अयोध्या तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट में प्रावधान किया गया है।

(आईएएनएस)