स्वतंत्रता दिवस पर असदुल्लाह आज़मी की नज़्म

स्वतंत्रता दिवस पर असदुल्लाह आज़मी की नज़्म

आज़ादी अपनी आज मनाना है दोस्तो
हिन्दोस्तां को अपने सजाना है दोस्तो
ये बात दुष्मनों को जताना है दोस्तो
आज़ाद हम रहेंगे बताना है दोस्तो

टुकड़ो को एक कर के मिलाया है दोस्तो
हिन्दोस्तान हमने बनाया है दोस्तो
तामीर कर के ताज महल इस ज़मीन को
दुल्हन की तरह ख़ूब सजाया है दोस्तो

हमने भी ख़ून अपना बहाया है दोस्तो
अंग्रेज़ दुश्मनों को भगाया है दोस्तो
हमसे सुबूत मांगते हो देश भक्ति का
हमने भी गरदनों को कटाया है दोस्तो

गद्दार हमको तुमने बताया है दोस्तो
अहसान तुमने सारा भुलाया है दोस्तो
चीज़ों के नाम तुमने बदल कर के आज फिर
दिल को हमारे ख़ूब दुखाया है दोस्तो

दंगे फ़साद कर के लड़ाओ न दोस्तो
अब दिल की दूरियों को बढ़ाओ न दोस्तो
हिन्दोस्तां से प्यार जो करते हो तुम अगर
नफ़रत से अपनी इसको जलाओ ना दोस्तो

आपस की नफ़रतों को मिटाना है दोस्तो
हिंदू को मुसलमाँ को मिलाना है दोस्तो
ये तो सियासी लोग हैं रख्खेगें बाट कर
हम एक हैं ये उनको दिखाना हैं दोस्तो

मुहम्मद असदुल्लाह आज़मी
असद आज़मी
आज़मगढ़