शहर से गांव के विस्थापन की ऐसी तस्वीर देश ने पहले कभी नहीं देखी होगी

लोकतंत्र की सड़कें सूनी नहीं हैं, देश के भविष्य को अपने ट्रॉलीबैग पर रख कर खींचती हुई एक माँ…

लॉकडाउन के बाद देश ने बहुत सी मार्मिक तस्वीरें देखी हैं। भूख और प्यास के बीच घर पहुंचने की आस लिए हज़ारों परिवार सड़कों पर पैदल ही निकल पड़े। कोई 1000 किलोमीटर पैदल चला तो कुछ 1500 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए।  मगर बहुत से रास्तों में ही दम तोड़ दिए।

ये मज़दूर भूख से बचने के डर से कोरोना का खौफ़ अपने दिल से निकाल कर घरों को पैदल चल तो दिए लेकिन रास्ते इतने लंबे हो जाएंगे इसका उन्हें भी अंदाज़ा नहीं था।